Monday, April 20, 2020

Mukesh ke 51 Geeton ki Sargam Part-1 मुकेश के 51 गीतों की सरगम भाग -1

Mukesh ke 51 Geeton ki Sargam Part-1 मुकेश के 51 गीतों की सरगम भाग -1

आपकी प्रिय पुस्तक मुकेश के 51 गीतों की सरगम भाग -1 अब नए कलेवर में नये आकर प्रकार में  प्रकाशित हो गयी है |
इसे आप  लॉक डाउन खुलने पर शीघ्र ही ऑनलाइन खरीद सकेंगे.

 मुकेश 1 बुक

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क्रम
विवरण
फिल्म
1.         
A-आ लौट के आजा मेरे मीत
रानी रूपमती
2.         
A-आज तुमसे दूर होकर
एक रात
3.         
A-आंसू भरी हैं ये जीवन की राहें
परवरिश
4.         
A-आवारा हूँ
आवारा
5.         
A-आया है मुझे फिर याद वो
देवर
6.         
B-बहारों ने मेरा चमन लूटकर
देवर
7.         
B-बहुत दिया देने वाले ने तुझको
सूरत और सीरत
8.         
B-भूली हुई यादों
संजोग
9.         
B-बोल गोरी बोल तेरा कौन पिया
मिलन
10.       
C-चल अकेला
संबंध
11.       
C-चाँद सी मेहबूबा हो मेरी
हिमालय की गोद में
12.       
C-चंदन सा बदन
सरस्वती चंद्र
13.       
D-डम डम डिगा डिगा
छलिया
14.       
D-दर्पण को देखा तूने जब जब
उपासना
15.       
D-दीवानों से ये मत पूछो
उपकार
16.       
D-धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले
गोरा और काला
17.       
D-दिल जलता है तो जलने दे
पहली नज़र
18.       
D-दुनिया बनाने वाले
तीसरी कसम
19.       
D-दुनिया से जाने वाले
पुष्पांजलि
20.       
E-एक हसरत थी की
ज़िंदगी और तूफान
21.       
E-एक प्यार का नग़मा है
शोर
22.       
H-हम छोड़ चले हैं महफिल को
जी चाहता है
23.       
H-हम तो तेरे आशिक हैं
फर्ज़
24.       
H-हुस्न-ए-जाना इधर आ
साथी
25.       
I-इक दिन बिक जायेगा माटी के
धरम करम
26.       
J-जाने कहाँ गये वो दिन
मेरा नाम जोकर
27.       
J-जब ग़में इश्क सताता है
किनारे किनारे
28.       
J-जे हम तुम चोरी से
धरती कहे पुकार के
29.       
J-जीना यहाँ मरना यहाँ
मेरा नाम जोकर
30.       
J-जिन्हें हम भूलना चाहें
आबरू
31.       
J-जिस दिल में बसा था प्यार तेरा
सहेली
32.       
J-जिस गली में तेरा घर
कटी पतंग
33.       
J-जो प्यार तूने मुझको दिया था
दूल्हा दुल्हन
34.       
K-कभी कभी
कभी कभी
35.       
K-कई बार यूं भी देखा है
रजनीगंधा
36.       
K-किसी की मुस्कुराहटों पे हो
अनाड़ी
37.       
K-कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे
पूरब और पश्चिम
38.       
K-क्या खूब लगती हो
धर्मात्मा
39.       
M-मैं ना भूलूँगा
रोटी कपड़ा और मकान
40.       
M-मैं पल दो पल का शायर हूँ
कभी कभी
41.       
M-मैं तो इक ख़ाब हूँ
हिमालय की गोद में
42.       
M-मैने तेरे लिये ही सात रंग के
आनंद
43.       
M-मेहबूब मेरे
पत्थर के सनम
44.       
M-मेरा जूता है जापानी
श्री 420
45.       
M-मेरा प्यार भी तू है
साथी
46.       
M-मेरे मन की गंगा
संगम
47.       
M-मुझको इस रात की तन्हाई में
दिल भी तेरा हम भी तेरे
48.       
O-ओ जाने वाले हो सके तो
बंदिनी
49.       
S-सावन का महीना
मिलन
50.       
S-सुर की गति मैं क्या जानूँ
भजन
51.       
Z-ज़ुबां पे दर्द भरी दास्ताँ चली
मर्यादा

Arvind Trivedi and Ramanand Sagar at Mahakaleshwar Temple | Ravan of Ram...

Sunday, April 19, 2020

SD Burman and YESUDAS ke 51 Geeton ki Sargam Book

E Book Kindle book that you can purchase at once.

E Book /Kindle book that you can purchase at once.

One of my books published is Md. Rafi ke 51 geeton ki sargam in English lyrics and English SRGM
which is available at amazon.in or amazon.com international
One can purchase it at once while sitting at home in this scenario of lockdown and can enjoy melody of songs at home.
One who know playing SRGMPDNS' shudh swar and komal swar RGDN one teevra swar M* ma teevra, that person can play songs easily. It is the time to learn sargam and play songs from the book of Md. Rafi Saheb.
 Md. Rafi book

link for purchasing the book https://www.amazon.in/Md-Rafi-51-Geeton-sargam/dp/1947697269/ref=sr_1_2?dchild=1&keywords=vinod%27s+sargam+books&qid=1587305757&sr=8-2

Saturday, April 18, 2020

Raag Puriyadhanashri Vilambit Sumiran Hari ko karo re



Raag Puriyadhanashri Vilambit Sumiran Hari ko karo re

Raag Puriyadhanashri Vilambit Sumiran Hari ko karo re

Raag Puriyadhanashri Vilambit Sumiran Hari ko karo re
Raag Puriyadhanashri Vilambit Sumiran Hari ko karo re


Raag Puriyadhanashri Vilambit Sumiran Hari ko karo re

Tuesday, April 14, 2020

HAM BHI SAKHA TUMHARE HAIN ham हम भी सखा तुम्हारे हैं - vinod kumar




Krishna Bhajan  by Vinod Kumar


हम भी सखा-  तुम्हा-रे- हैं-  द्वारिका भेंट को आ-ये- हैं |
खड़े   हम ते-रे  द्वा-रे-  हैं-   द्वारिका भेंट   को आ-ये- हैं || हम भी सखा..

प्रभू   हम भक्तों की- सुनना, किरपा हम पर तुम करना |
जगत   में- दुःख ही पा--    हैं-   द्वारिका भेंट   को आये    हैं || हम भी

मैं  तेरी   पूजा   ना-  जा-नूँ,  कोई   तप  व्रत भी ना-  जा-नूँ |
फूल  श्रधा-    के ला-ये-   हैं-   द्वारिका भेंट को आ-ये- हैं || हम भी सखा
    
जगत   में  भटकन है-    दिन रात, न पाऊँ  चैन कहीं-   मेरे  तात |
ठौर  हम ते-री पा--    हैं-   द्वारिका भेंट  को आ-ये- हैं || हम भी सखा

अब   तो दर्शन दो-  मेरे नाथ, पकड़ लो आज   हमा-रा-     हाथ |
शरण हम ते-री आ-ये-   हैं-   द्वारिका भेंट को आ-ये- हैं || हम भी सखा

आये   दूर    से   हैं-   भगवन, मिटा दो दिल की तुम तड़पन |
हम लखनऊ से आ-ये-  हैं-   द्वारिका भेंट को आ-ये- हैं || हम भी सखा


Wednesday, April 8, 2020

Paayaliya Jhankar Mori Raag Puriya Dhanashri पायलिया झंकार मोरी राग पुरिया धनाश्री



paayaliya jhankar mori raag Puriyadhanashri

paayaliya jhankar mori raag Puriyadhanashri

paayaliya jhankar mori raag Puriyadhanashri